पंचांग 25 सितंबर 2046
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 सितंबर 2046 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:28
चंद्रोदय02:15 (26 सित॰)
चंद्रास्त14:45
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1968 · विक्रम (चैत्रादि) 2103
- संवत्सर:
- क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मिथुन 09:13 तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 23:43 तक, फिर कृष्ण एकादशी 21:35 (26 सित॰) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 15:03 तक, फिर पुष्य 13:55 (26 सित॰) तक
- योग
- परिघ 18:19 तक, फिर शिव 15:38 (26 सित॰) तक
- करण
- वणिज 12:31 तक, फिर विष्टि 23:43 तक, फिर बव 10:45 (26 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:01 – 12:50
- राहु काल15:27 – 16:57
- यमगंड09:25 – 10:55
- गुलिक काल12:26 – 13:56
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:23 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:25
- चर(सामान्य)09:25 – 10:55
- लाभ(शुभ)10:55 – 12:26
- अमृत(शुभ)12:26 – 13:56
- काल(वर्जित (परंपरा))13:56 – 15:27
- शुभ(शुभ)15:27 – 16:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:57 – 18:28
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:28 – 19:57
- लाभ(शुभ)19:57 – 21:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 22:56
- शुभ(शुभ)22:56 – 00:26 (26 सित॰)
- अमृत(शुभ)00:26 (26 सित॰) – 01:55 (26 सित॰)
- चर(सामान्य)01:55 (26 सित॰) – 03:25 (26 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:25 (26 सित॰) – 04:54 (26 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (26 सित॰) – 06:24 (26 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें