पंचांग 1 अक्टूबर 2046
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 अक्टूबर 2046 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:25
सूर्यास्त18:23
चंद्रोदय07:27
चंद्रास्त19:12
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1968 · विक्रम (चैत्रादि) 2103
- संवत्सर:
- क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कन्या 11:13 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 00:17 (2 अक्टू॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 20:55 (2 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 21:46 तक, फिर स्वाती 19:09 (2 अक्टू॰) तक
- योग
- इन्द्र 15:36 तक, फिर वैधृति 11:32 (2 अक्टू॰) तक
- करण
- बालव 14:07 तक, फिर कौलव 00:17 (2 अक्टू॰) तक, फिर तैतिल 10:33 (2 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:48
- राहु काल07:54 – 09:24
- यमगंड10:54 – 12:24
- गुलिक काल13:53 – 15:23
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:25 – 07:54
- काल(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:24
- शुभ(शुभ)09:24 – 10:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:24 – 13:53
- चर(सामान्य)13:53 – 15:23
- लाभ(शुभ)15:23 – 16:53
- अमृत(शुभ)16:53 – 18:23
रात
- चर(सामान्य)18:23 – 19:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:53 – 21:23
- काल(वर्जित (परंपरा))21:23 – 22:53
- लाभ(शुभ)22:53 – 00:24 (2 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:24 (2 अक्टू॰) – 01:54 (2 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)01:54 (2 अक्टू॰) – 03:24 (2 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)03:24 (2 अक्टू॰) – 04:55 (2 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)04:55 (2 अक्टू॰) – 06:25 (2 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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