पंचांग 15 दिसंबर 2046

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

15 दिसंबर 2046 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:58
सूर्यास्त18:00
चंद्रोदय19:52
चंद्रास्त08:32
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1968 · विक्रम (चैत्रादि) 2103
संवत्सर:
क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
मिथुन 03:54 (16 दिस॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:21 तक, फिर कृष्ण तृतीया 14:45 (16 दिस॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:48 तक, फिर पुनर्वसु 09:53 (16 दिस॰) तक
योग
शुक्ल 11:48 तक, फिर ब्रह्म 10:09 (16 दिस॰) तक
करण
गर 15:21 तक, फिर वणिज 03:06 (16 दिस॰) तक, फिर विष्टि 14:45 (16 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:51
  • राहु काल09:44 – 11:06
  • यमगंड13:52 – 15:14
  • गुलिक काल06:58 – 08:21

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:58 – 08:21
  • शुभ(शुभ)08:21 – 09:44
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:44 – 11:06
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:06 – 12:29
  • चर(सामान्य)12:29 – 13:52
  • लाभ(शुभ)13:52 – 15:14
  • अमृत(शुभ)15:14 – 16:37
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:37 – 18:00

रात

  • लाभ(शुभ)18:00 – 19:37
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:37 – 21:15
  • शुभ(शुभ)21:15 – 22:52
  • अमृत(शुभ)22:52 – 00:29 (16 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:29 (16 दिस॰) – 02:07 (16 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:07 (16 दिस॰) – 03:44 (16 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:44 (16 दिस॰) – 05:21 (16 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:21 (16 दिस॰) – 06:59 (16 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

अपनी कुंडली देखें