पंचांग 5 फ़रवरी 2047
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
5 फ़रवरी 2047 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:30
चंद्रोदय13:31
चंद्रास्त03:15 (6 फ़र॰)
- मास:
- माघ (अमांत)
- संवत:
- शक 1968 · विक्रम (चैत्रादि) 2103
- संवत्सर:
- क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 00:49 (6 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल एकादशी 01:19 (7 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 02:37 (6 फ़र॰) तक, फिर मृगशीर्ष 03:38 (7 फ़र॰) तक
- योग
- इन्द्र 04:10 (6 फ़र॰) तक, फिर वैधृति 03:19 (7 फ़र॰) तक
- करण
- तैतिल 12:17 तक, फिर गर 00:49 (6 फ़र॰) तक, फिर वणिज 13:10 (6 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल15:39 – 17:04
- यमगंड09:57 – 11:23
- गुलिक काल12:48 – 14:13
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:32
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:32 – 09:57
- चर(सामान्य)09:57 – 11:23
- लाभ(शुभ)11:23 – 12:48
- अमृत(शुभ)12:48 – 14:13
- काल(वर्जित (परंपरा))14:13 – 15:39
- शुभ(शुभ)15:39 – 17:04
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:04 – 18:30
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:30 – 20:04
- लाभ(शुभ)20:04 – 21:39
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:39 – 23:13
- शुभ(शुभ)23:13 – 00:48 (6 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)00:48 (6 फ़र॰) – 02:22 (6 फ़र॰)
- चर(सामान्य)02:22 (6 फ़र॰) – 03:57 (6 फ़र॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:57 (6 फ़र॰) – 05:31 (6 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:31 (6 फ़र॰) – 07:06 (6 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें