पंचांग 1 जून 2047

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

1 जून 2047 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:07
चंद्रोदय12:22
चंद्रास्त00:54 (2 जून)
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1969 · विक्रम (चैत्रादि) 2104
संवत्सर:
प्रभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 06:05 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 04:34 (2 जून) तक, फिर शुक्ल नवमी 02:29 (3 जून) तक
नक्षत्र
मघा 11:59 तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 11:04 (2 जून) तक
योग
हर्षण 23:35 तक, फिर वज्र 20:57 (2 जून) तक
करण
वणिज 06:05 तक, फिर विष्टि 17:24 तक, फिर बव 04:34 (2 जून) तक, फिर बालव 15:35 (2 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:58
  • राहु काल09:14 – 10:53
  • यमगंड14:11 – 15:50
  • गुलिक काल05:57 – 07:36

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • शुभ(शुभ)07:36 – 09:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:14 – 10:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:32
  • चर(सामान्य)12:32 – 14:11
  • लाभ(शुभ)14:11 – 15:50
  • अमृत(शुभ)15:50 – 17:28
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:28 – 19:07

रात

  • लाभ(शुभ)19:07 – 20:28
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:28 – 21:50
  • शुभ(शुभ)21:50 – 23:11
  • अमृत(शुभ)23:11 – 00:32 (2 जून)
  • चर(सामान्य)00:32 (2 जून) – 01:53 (2 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:53 (2 जून) – 03:14 (2 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:14 (2 जून) – 04:36 (2 जून)
  • लाभ(शुभ)04:36 (2 जून) – 05:57 (2 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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