पंचांग 27 जून 2048

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 जून 2048 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:00
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय20:33
चंद्रास्त07:07
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1970 · विक्रम (चैत्रादि) 2105
संवत्सर:
विभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
धनु 14:36 तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:46 (28 जून) तक, फिर कृष्ण तृतीया 21:54 (28 जून) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 09:13 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 06:51 (28 जून) तक
योग
इन्द्र 21:54 तक, फिर वैधृति 18:26 (28 जून) तक
करण
तैतिल 14:22 तक, फिर गर 00:46 (28 जून) तक, फिर वणिज 11:16 (28 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:04
  • राहु काल09:19 – 10:58
  • यमगंड14:17 – 15:56
  • गुलिक काल06:00 – 07:39

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:00 – 07:39
  • शुभ(शुभ)07:39 – 09:19
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:19 – 10:58
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:37
  • चर(सामान्य)12:37 – 14:17
  • लाभ(शुभ)14:17 – 15:56
  • अमृत(शुभ)15:56 – 17:35
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:35 – 19:14

रात

  • लाभ(शुभ)19:14 – 20:35
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:35 – 21:56
  • शुभ(शुभ)21:56 – 23:17
  • अमृत(शुभ)23:17 – 00:37 (28 जून)
  • चर(सामान्य)00:37 (28 जून) – 01:58 (28 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:58 (28 जून) – 03:19 (28 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:19 (28 जून) – 04:40 (28 जून)
  • लाभ(शुभ)04:40 (28 जून) – 06:01 (28 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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