पंचांग 30 सितंबर 2049
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
30 सितंबर 2049 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:24
सूर्यास्त18:23
चंद्रोदय09:05
चंद्रास्त20:38
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1971 · विक्रम (चैत्रादि) 2106
- संवत्सर:
- शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- तुला 04:31 (1 अक्टू॰) तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 08:16 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 07:46 (1 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 10:23 तक, फिर विशाखा 10:31 (1 अक्टू॰) तक
- योग
- विष्कम्भ 03:57 (1 अक्टू॰) तक, फिर प्रीति 02:12 (2 अक्टू॰) तक
- करण
- गर 08:16 तक, फिर वणिज 20:04 तक, फिर विष्टि 07:46 (1 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:48
- राहु काल13:54 – 15:24
- यमगंड06:24 – 07:54
- गुलिक काल09:24 – 10:54
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:24 – 07:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:54
- चर(सामान्य)10:54 – 12:24
- लाभ(शुभ)12:24 – 13:54
- अमृत(शुभ)13:54 – 15:24
- काल(वर्जित (परंपरा))15:24 – 16:53
- शुभ(शुभ)16:53 – 18:23
रात
- अमृत(शुभ)18:23 – 19:53
- चर(सामान्य)19:53 – 21:24
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:24 – 22:54
- काल(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:24 (1 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)00:24 (1 अक्टू॰) – 01:54 (1 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:54 (1 अक्टू॰) – 03:24 (1 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)03:24 (1 अक्टू॰) – 04:54 (1 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)04:54 (1 अक्टू॰) – 06:25 (1 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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