पंचांग 22 नवंबर 2049
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 नवंबर 2049 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:45
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय04:43 (23 नव॰)
चंद्रास्त15:38
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1971 · विक्रम (चैत्रादि) 2106
- संवत्सर:
- शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या 14:19 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 14:10 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 13:45 (23 नव॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 02:29 (23 नव॰) तक, फिर स्वाती 02:22 (24 नव॰) तक
- योग
- आयुष्मान 21:15 तक, फिर सौभाग्य 19:35 (23 नव॰) तक
- करण
- तैतिल 14:10 तक, फिर गर 02:03 (23 नव॰) तक, फिर वणिज 13:45 (23 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:58 – 12:42
- राहु काल08:09 – 09:32
- यमगंड10:56 – 12:20
- गुलिक काल13:44 – 15:08
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:45 – 08:09
- काल(वर्जित (परंपरा))08:09 – 09:32
- शुभ(शुभ)09:32 – 10:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:20
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:20 – 13:44
- चर(सामान्य)13:44 – 15:08
- लाभ(शुभ)15:08 – 16:32
- अमृत(शुभ)16:32 – 17:56
रात
- चर(सामान्य)17:56 – 19:32
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:08
- काल(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:44
- लाभ(शुभ)22:44 – 00:20 (23 नव॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:20 (23 नव॰) – 01:57 (23 नव॰)
- शुभ(शुभ)01:57 (23 नव॰) – 03:33 (23 नव॰)
- अमृत(शुभ)03:33 (23 नव॰) – 05:09 (23 नव॰)
- चर(सामान्य)05:09 (23 नव॰) – 06:45 (23 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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