पंचांग 16 जनवरी 2050
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 जनवरी 2050 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:18
चंद्रोदय01:10 (17 जन॰)
चंद्रास्त12:07
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1971 · विक्रम (चैत्रादि) 2106
- संवत्सर:
- शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- कन्या 08:27 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी 00:13 (17 जन॰) तक, फिर कृष्ण नवमी 00:30 (18 जन॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 21:11 तक, फिर स्वाती 22:07 (17 जन॰) तक
- योग
- सुकर्मा 11:32 तक, फिर धृति 10:54 (17 जन॰) तक
- करण
- बालव 11:47 तक, फिर कौलव 00:13 (17 जन॰) तक, फिर तैतिल 12:28 (17 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:06
- राहु काल16:55 – 18:18
- यमगंड12:44 – 14:07
- गुलिक काल15:31 – 16:55
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
- चर(सामान्य)08:33 – 09:57
- लाभ(शुभ)09:57 – 11:20
- अमृत(शुभ)11:20 – 12:44
- काल(वर्जित (परंपरा))12:44 – 14:07
- शुभ(शुभ)14:07 – 15:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:31 – 16:55
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:55 – 18:18
रात
- शुभ(शुभ)18:18 – 19:55
- अमृत(शुभ)19:55 – 21:31
- चर(सामान्य)21:31 – 23:07
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:44 (17 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:44 (17 जन॰) – 02:20 (17 जन॰)
- लाभ(शुभ)02:20 (17 जन॰) – 03:57 (17 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:57 (17 जन॰) – 05:33 (17 जन॰)
- शुभ(शुभ)05:33 (17 जन॰) – 07:09 (17 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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