पंचांग 25 फ़रवरी 2050
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 फ़रवरी 2050 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:56
सूर्यास्त18:39
चंद्रोदय09:29
चंद्रास्त22:32
- मास:
- फाल्गुन (अमांत)
- संवत:
- शक 1971 · विक्रम (चैत्रादि) 2106
- संवत्सर:
- शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- मीन 07:20 तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी 07:29 तक, फिर शुक्ल पंचमी 05:44 (26 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल षष्ठी 04:48 (27 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 07:20 तक, फिर अश्विनी 06:16 (26 फ़र॰) तक, फिर भरणी 06:02 (27 फ़र॰) तक
- योग
- शुक्ल 19:57 तक, फिर ब्रह्म 17:42 (26 फ़र॰) तक
- करण
- विष्टि 07:29 तक, फिर बव 18:30 तक, फिर बालव 05:44 (26 फ़र॰) तक, फिर कौलव 17:09 (26 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:11
- राहु काल11:19 – 12:47
- यमगंड15:43 – 17:11
- गुलिक काल08:24 – 09:51
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:56 – 08:24
- लाभ(शुभ)08:24 – 09:51
- अमृत(शुभ)09:51 – 11:19
- काल(वर्जित (परंपरा))11:19 – 12:47
- शुभ(शुभ)12:47 – 14:15
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:11
- चर(सामान्य)17:11 – 18:39
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:39 – 20:11
- काल(वर्जित (परंपरा))20:11 – 21:43
- लाभ(शुभ)21:43 – 23:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:47 (26 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)00:47 (26 फ़र॰) – 02:19 (26 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)02:19 (26 फ़र॰) – 03:51 (26 फ़र॰)
- चर(सामान्य)03:51 (26 फ़र॰) – 05:23 (26 फ़र॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:23 (26 फ़र॰) – 06:55 (26 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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