पंचांग 31 मार्च 2050
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
31 मार्च 2050 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:29
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय13:14
चंद्रास्त02:22 (1 अप्रैल)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1972 · विक्रम (चैत्रादि) 2107
- संवत्सर:
- प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- मिथुन 15:19 तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी 00:46 (1 अप्रैल) तक, फिर शुक्ल दशमी 03:09 (2 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 22:00 तक, फिर पुष्य 00:53 (2 अप्रैल) तक
- योग
- अतिगण्ड 22:08 तक, फिर सुकर्मा 22:57 (1 अप्रैल) तक
- करण
- बालव 11:39 तक, फिर कौलव 00:46 (1 अप्रैल) तक, फिर तैतिल 13:56 (1 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:03
- राहु काल14:11 – 15:43
- यमगंड06:29 – 08:01
- गुलिक काल09:34 – 11:06
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:29 – 08:01
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:01 – 09:34
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:34 – 11:06
- चर(सामान्य)11:06 – 12:38
- लाभ(शुभ)12:38 – 14:11
- अमृत(शुभ)14:11 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:15
- शुभ(शुभ)17:15 – 18:47
रात
- अमृत(शुभ)18:47 – 20:15
- चर(सामान्य)20:15 – 21:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:10
- काल(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:38 (1 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)00:38 (1 अप्रैल) – 02:06 (1 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:06 (1 अप्रैल) – 03:33 (1 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)03:33 (1 अप्रैल) – 05:01 (1 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)05:01 (1 अप्रैल) – 06:28 (1 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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