पंचांग 4 नवंबर 2050
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
4 नवंबर 2050 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:35
सूर्यास्त18:00
चंद्रोदय22:52
चंद्रास्त11:15
- मास:
- आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1972 · विक्रम (चैत्रादि) 2107
- संवत्सर:
- प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- मिथुन 01:16 (5 नव॰) तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 01:18 (5 नव॰) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 02:34 (6 नव॰) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 07:39 (5 नव॰) तक
- योग
- सिद्ध 11:11 तक, फिर साध्य 10:43 (5 नव॰) तक
- करण
- गर 12:56 तक, फिर वणिज 01:18 (5 नव॰) तक, फिर विष्टि 13:51 (5 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40
- राहु काल10:52 – 12:17
- यमगंड15:09 – 16:34
- गुलिक काल08:01 – 09:26
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:35 – 08:01
- लाभ(शुभ)08:01 – 09:26
- अमृत(शुभ)09:26 – 10:52
- काल(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:17
- शुभ(शुभ)12:17 – 13:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:09
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:09 – 16:34
- चर(सामान्य)16:34 – 18:00
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:00 – 19:34
- काल(वर्जित (परंपरा))19:34 – 21:09
- लाभ(शुभ)21:09 – 22:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:18 (5 नव॰)
- शुभ(शुभ)00:18 (5 नव॰) – 01:52 (5 नव॰)
- अमृत(शुभ)01:52 (5 नव॰) – 03:27 (5 नव॰)
- चर(सामान्य)03:27 (5 नव॰) – 05:01 (5 नव॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:01 (5 नव॰) – 06:36 (5 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें