पंचांग 12 दिसंबर 2050
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 दिसंबर 2050 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:57
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय05:54 (13 दिस॰)
चंद्रास्त16:33
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1972 · विक्रम (चैत्रादि) 2107
- संवत्सर:
- प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- तुला 07:31 तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 10:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 11:09 (13 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- विशाखा 13:48 तक, फिर अनुराधा 14:33 (13 दिस॰) तक
- योग
- सुकर्मा 20:53 तक, फिर धृति 19:42 (13 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 10:54 तक, फिर विष्टि 23:06 तक, फिर शकुनि 11:09 (13 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:50
- राहु काल08:19 – 09:42
- यमगंड11:05 – 12:28
- गुलिक काल13:50 – 15:13
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:57 – 08:19
- काल(वर्जित (परंपरा))08:19 – 09:42
- शुभ(शुभ)09:42 – 11:05
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:05 – 12:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:28 – 13:50
- चर(सामान्य)13:50 – 15:13
- लाभ(शुभ)15:13 – 16:36
- अमृत(शुभ)16:36 – 17:59
रात
- चर(सामान्य)17:59 – 19:36
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:36 – 21:13
- काल(वर्जित (परंपरा))21:13 – 22:51
- लाभ(शुभ)22:51 – 00:28 (13 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:28 (13 दिस॰) – 02:05 (13 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:05 (13 दिस॰) – 03:43 (13 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:43 (13 दिस॰) – 05:20 (13 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:20 (13 दिस॰) – 06:57 (13 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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