पंचांग 14 जनवरी 2051

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

14 जनवरी 2051 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:17
चंद्रोदय08:08
चंद्रास्त20:01
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1972 · विक्रम (चैत्रादि) 2107
संवत्सर:
प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मकर 05:45 (15 जन॰) तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 19:29 तक, फिर शुक्ल तृतीया 16:44 (15 जन॰) तक
नक्षत्र
श्रवण 18:45 तक, फिर धनिष्ठा 16:43 (15 जन॰) तक
योग
वज्र 14:01 तक, फिर सिद्धि 10:33 (15 जन॰) तक
करण
बालव 08:49 तक, फिर कौलव 19:29 तक, फिर तैतिल 06:06 (15 जन॰) तक, फिर गर 16:44 (15 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:05
  • राहु काल09:56 – 11:20
  • यमगंड14:06 – 15:30
  • गुलिक काल07:09 – 08:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
  • शुभ(शुभ)08:33 – 09:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:56 – 11:20
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:20 – 12:43
  • चर(सामान्य)12:43 – 14:06
  • लाभ(शुभ)14:06 – 15:30
  • अमृत(शुभ)15:30 – 16:53
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:53 – 18:17

रात

  • लाभ(शुभ)18:17 – 19:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:53 – 21:30
  • शुभ(शुभ)21:30 – 23:07
  • अमृत(शुभ)23:07 – 00:43 (15 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:43 (15 जन॰) – 02:20 (15 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:20 (15 जन॰) – 03:56 (15 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:56 (15 जन॰) – 05:33 (15 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:33 (15 जन॰) – 07:09 (15 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

अपनी कुंडली देखें