पंचांग 29 जुलाई 2051
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
29 जुलाई 2051 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:11
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय23:31
चंद्रास्त11:29
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1973 · विक्रम (चैत्रादि) 2108
- संवत्सर:
- प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- मीन 19:45 तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 08:38 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 06:25 (30 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 19:45 तक, फिर अश्विनी 18:24 (30 जुल॰) तक
- योग
- सुकर्मा 06:14 तक, फिर धृति 03:22 (30 जुल॰) तक, फिर शूल 00:37 (31 जुल॰) तक
- करण
- वणिज 08:38 तक, फिर विष्टि 19:31 तक, फिर बव 06:25 (30 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:15 – 13:07
- राहु काल09:26 – 11:03
- यमगंड14:18 – 15:55
- गुलिक काल06:11 – 07:48
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:11 – 07:48
- शुभ(शुभ)07:48 – 09:26
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 11:03
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:41
- चर(सामान्य)12:41 – 14:18
- लाभ(शुभ)14:18 – 15:55
- अमृत(शुभ)15:55 – 17:33
- काल(वर्जित (परंपरा))17:33 – 19:10
रात
- लाभ(शुभ)19:10 – 20:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:33 – 21:55
- शुभ(शुभ)21:55 – 23:18
- अमृत(शुभ)23:18 – 00:41 (30 जुल॰)
- चर(सामान्य)00:41 (30 जुल॰) – 02:03 (30 जुल॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:03 (30 जुल॰) – 03:26 (30 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:26 (30 जुल॰) – 04:48 (30 जुल॰)
- लाभ(शुभ)04:48 (30 जुल॰) – 06:11 (30 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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