पंचांग 18 दिसंबर 2051

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

18 दिसंबर 2051 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय18:57
चंद्रास्त07:20
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1973 · विक्रम (चैत्रादि) 2108
संवत्सर:
प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 18:45 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 16:24 (19 दिस॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 04:48 (19 दिस॰) तक, फिर पुनर्वसु 03:24 (20 दिस॰) तक
योग
शुक्ल 01:04 (19 दिस॰) तक, फिर ब्रह्म 22:03 (19 दिस॰) तक
करण
बालव 08:07 तक, फिर कौलव 18:45 तक, फिर तैतिल 05:30 (19 दिस॰) तक, फिर गर 16:24 (19 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:52
  • राहु काल08:22 – 09:45
  • यमगंड11:08 – 12:30
  • गुलिक काल13:53 – 15:16

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:00 – 08:22
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:22 – 09:45
  • शुभ(शुभ)09:45 – 11:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:08 – 12:30
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:30 – 13:53
  • चर(सामान्य)13:53 – 15:16
  • लाभ(शुभ)15:16 – 16:38
  • अमृत(शुभ)16:38 – 18:01

रात

  • चर(सामान्य)18:01 – 19:39
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:16
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:16 – 22:53
  • लाभ(शुभ)22:53 – 00:31 (19 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (19 दिस॰) – 02:08 (19 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)02:08 (19 दिस॰) – 03:45 (19 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)03:45 (19 दिस॰) – 05:23 (19 दिस॰)
  • चर(सामान्य)05:23 (19 दिस॰) – 07:00 (19 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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