पंचांग 10 जून 2053
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 जून 2053 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय01:36 (11 जून)
चंद्रास्त13:11
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1975 · विक्रम (चैत्रादि) 2110
- संवत्सर:
- श्रीमुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- कुंभ 06:00 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी 08:05 तक, फिर कृष्ण नवमी 08:00 (11 जून) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 12:15 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 12:43 (11 जून) तक
- योग
- प्रीति 08:52 तक, फिर आयुष्मान 07:48 (11 जून) तक
- करण
- कौलव 08:05 तक, फिर तैतिल 20:08 तक, फिर गर 08:00 (11 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
- राहु काल15:52 – 17:31
- यमगंड09:15 – 10:54
- गुलिक काल12:34 – 14:13
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:15
- चर(सामान्य)09:15 – 10:54
- लाभ(शुभ)10:54 – 12:34
- अमृत(शुभ)12:34 – 14:13
- काल(वर्जित (परंपरा))14:13 – 15:52
- शुभ(शुभ)15:52 – 17:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:31 – 19:10
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:10 – 20:31
- लाभ(शुभ)20:31 – 21:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:13
- शुभ(शुभ)23:13 – 00:34 (11 जून)
- अमृत(शुभ)00:34 (11 जून) – 01:55 (11 जून)
- चर(सामान्य)01:55 (11 जून) – 03:15 (11 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:15 (11 जून) – 04:36 (11 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:36 (11 जून) – 05:57 (11 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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