पंचांग 2 जुलाई 2053

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

2 जुलाई 2053 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:02
सूर्यास्त19:15
चंद्रोदय20:10
चंद्रास्त06:57
मास:
अधिक आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1975 · विक्रम (चैत्रादि) 2110
संवत्सर:
श्रीमुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
धनु 13:35 तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 09:54 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 12:15 (3 जुल॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 06:50 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 09:46 (3 जुल॰) तक
योग
इन्द्र 14:13 तक, फिर वैधृति 15:08 (3 जुल॰) तक
करण
कौलव 09:54 तक, फिर तैतिल 23:05 तक, फिर गर 12:15 (3 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:12 – 13:05परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:38 – 14:17
  • यमगंड07:41 – 09:20
  • गुलिक काल10:59 – 12:38

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:02 – 07:41
  • अमृत(शुभ)07:41 – 09:20
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:20 – 10:59
  • शुभ(शुभ)10:59 – 12:38
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:38 – 14:17
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:17 – 15:56
  • चर(सामान्य)15:56 – 17:36
  • लाभ(शुभ)17:36 – 19:15

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:15 – 20:36
  • शुभ(शुभ)20:36 – 21:57
  • अमृत(शुभ)21:57 – 23:17
  • चर(सामान्य)23:17 – 00:38 (3 जुल॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:38 (3 जुल॰) – 01:59 (3 जुल॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (3 जुल॰) – 03:20 (3 जुल॰)
  • लाभ(शुभ)03:20 (3 जुल॰) – 04:41 (3 जुल॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:41 (3 जुल॰) – 06:02 (3 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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