पंचांग 29 दिसंबर 2057

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 दिसंबर 2057 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:05
सूर्यास्त18:07
चंद्रोदय10:11
चंद्रास्त21:48
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1979 · विक्रम (चैत्रादि) 2114
संवत्सर:
ईश्वर (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मकर 14:33 तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 17:09 तक, फिर शुक्ल पंचमी 14:46 (30 दिस॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:37 (30 दिस॰) तक, फिर शतभिषा 00:11 (31 दिस॰) तक
योग
वज्र 00:41 (30 दिस॰) तक, फिर सिद्धि 21:42 (30 दिस॰) तक
करण
विष्टि 17:09 तक, फिर बव 03:53 (30 दिस॰) तक, फिर बालव 14:46 (30 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 12:58
  • राहु काल09:51 – 11:13
  • यमगंड13:59 – 15:22
  • गुलिक काल07:05 – 08:28

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:05 – 08:28
  • शुभ(शुभ)08:28 – 09:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:51 – 11:13
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:13 – 12:36
  • चर(सामान्य)12:36 – 13:59
  • लाभ(शुभ)13:59 – 15:22
  • अमृत(शुभ)15:22 – 16:44
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:44 – 18:07

रात

  • लाभ(शुभ)18:07 – 19:44
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:44 – 21:22
  • शुभ(शुभ)21:22 – 22:59
  • अमृत(शुभ)22:59 – 00:36 (30 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:36 (30 दिस॰) – 02:14 (30 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:14 (30 दिस॰) – 03:51 (30 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:51 (30 दिस॰) – 05:28 (30 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:28 (30 दिस॰) – 07:06 (30 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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