पंचांग 22 जुलाई 2058
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 जुलाई 2058 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:08
सूर्यास्त19:13
चंद्रोदय07:21
चंद्रास्त20:40
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1980 · विक्रम (चैत्रादि) 2115
- संवत्सर:
- बहुधान्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- कर्क 02:47 (23 जुल॰) तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 02:03 (23 जुल॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 04:19 (24 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 02:47 (23 जुल॰) तक, फिर मघा 05:37 (24 जुल॰) तक
- योग
- सिद्धि 22:26 तक, फिर व्यतीपात 23:19 (23 जुल॰) तक
- करण
- बालव 12:51 तक, फिर कौलव 02:03 (23 जुल॰) तक, फिर तैतिल 15:12 (23 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:07
- राहु काल07:47 – 09:25
- यमगंड11:03 – 12:41
- गुलिक काल14:19 – 15:57
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:08 – 07:47
- काल(वर्जित (परंपरा))07:47 – 09:25
- शुभ(शुभ)09:25 – 11:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:41
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:19
- चर(सामान्य)14:19 – 15:57
- लाभ(शुभ)15:57 – 17:35
- अमृत(शुभ)17:35 – 19:13
रात
- चर(सामान्य)19:13 – 20:35
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:35 – 21:57
- काल(वर्जित (परंपरा))21:57 – 23:19
- लाभ(शुभ)23:19 – 00:41 (23 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:41 (23 जुल॰) – 02:03 (23 जुल॰)
- शुभ(शुभ)02:03 (23 जुल॰) – 03:25 (23 जुल॰)
- अमृत(शुभ)03:25 (23 जुल॰) – 04:47 (23 जुल॰)
- चर(सामान्य)04:47 (23 जुल॰) – 06:09 (23 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 5
अपनी कुंडली देखें