पंचांग 20 दिसंबर 2058

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

20 दिसंबर 2058 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय11:19
चंद्रास्त23:02
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1980 · विक्रम (चैत्रादि) 2115
संवत्सर:
बहुधान्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 07:30 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 05:00 (21 दिस॰) तक, फिर शुक्ल सप्तमी 02:51 (22 दिस॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 12:21 तक, फिर शतभिषा 10:37 (21 दिस॰) तक
योग
वज्र 02:58 (21 दिस॰) तक, फिर सिद्धि 23:58 (21 दिस॰) तक
करण
बालव 07:30 तक, फिर कौलव 18:12 तक, फिर तैतिल 05:00 (21 दिस॰) तक, फिर गर 15:52 (21 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 12:54
  • राहु काल11:09 – 12:32
  • यमगंड15:17 – 16:40
  • गुलिक काल08:24 – 09:46

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)07:01 – 08:24
  • लाभ(शुभ)08:24 – 09:46
  • अमृत(शुभ)09:46 – 11:09
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:09 – 12:32
  • शुभ(शुभ)12:32 – 13:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:54 – 15:17
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:17 – 16:40
  • चर(सामान्य)16:40 – 18:02

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:02 – 19:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:40 – 21:17
  • लाभ(शुभ)21:17 – 22:54
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:32 (21 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:32 (21 दिस॰) – 02:09 (21 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:09 (21 दिस॰) – 03:47 (21 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:47 (21 दिस॰) – 05:24 (21 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:24 (21 दिस॰) – 07:01 (21 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 5

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