पंचांग 11 मई 2059

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 मई 2059 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:02
सूर्यास्त18:59
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:40
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1981 · विक्रम (चैत्रादि) 2116
संवत्सर:
प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 00:45 (12 मई) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 23:12 (12 मई) तक
नक्षत्र
भरणी 01:08 (12 मई) तक, फिर कृत्तिका 00:21 (13 मई) तक
योग
सौभाग्य 01:28 (12 मई) तक, फिर शोभन 23:09 (12 मई) तक
करण
चतुष्पद 13:41 तक, फिर नाग 00:45 (12 मई) तक, फिर किंस्तुघ्न 11:55 (12 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
  • राहु काल17:22 – 18:59
  • यमगंड12:31 – 14:08
  • गुलिक काल15:45 – 17:22

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:02 – 07:39
  • चर(सामान्य)07:39 – 09:16
  • लाभ(शुभ)09:16 – 10:53
  • अमृत(शुभ)10:53 – 12:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:08
  • शुभ(शुभ)14:08 – 15:45
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:45 – 17:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:22 – 18:59

रात

  • शुभ(शुभ)18:59 – 20:22
  • अमृत(शुभ)20:22 – 21:45
  • चर(सामान्य)21:45 – 23:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:08 – 00:30 (12 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:30 (12 मई) – 01:53 (12 मई)
  • लाभ(शुभ)01:53 (12 मई) – 03:16 (12 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:16 (12 मई) – 04:39 (12 मई)
  • शुभ(शुभ)04:39 (12 मई) – 06:02 (12 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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