पंचांग 28 जुलाई 2059
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
28 जुलाई 2059 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:10
सूर्यास्त19:11
चंद्रोदय22:08
चंद्रास्त09:21
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1981 · विक्रम (चैत्रादि) 2116
- संवत्सर:
- प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- कुंभ 20:21 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 18:25 तक, फिर कृष्ण पंचमी 15:28 (29 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 01:47 (29 जुल॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 23:49 (29 जुल॰) तक
- योग
- शोभन 13:53 तक, फिर अतिगण्ड 10:21 (29 जुल॰) तक
- करण
- बव 08:00 तक, फिर बालव 18:25 तक, फिर कौलव 04:54 (29 जुल॰) तक, फिर तैतिल 15:28 (29 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:15 – 13:07
- राहु काल07:48 – 09:26
- यमगंड11:03 – 12:41
- गुलिक काल14:18 – 15:56
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:10 – 07:48
- काल(वर्जित (परंपरा))07:48 – 09:26
- शुभ(शुभ)09:26 – 11:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:41
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:18
- चर(सामान्य)14:18 – 15:56
- लाभ(शुभ)15:56 – 17:33
- अमृत(शुभ)17:33 – 19:11
रात
- चर(सामान्य)19:11 – 20:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:33 – 21:56
- काल(वर्जित (परंपरा))21:56 – 23:18
- लाभ(शुभ)23:18 – 00:41 (29 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:41 (29 जुल॰) – 02:03 (29 जुल॰)
- शुभ(शुभ)02:03 (29 जुल॰) – 03:26 (29 जुल॰)
- अमृत(शुभ)03:26 (29 जुल॰) – 04:48 (29 जुल॰)
- चर(सामान्य)04:48 (29 जुल॰) – 06:11 (29 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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