पंचांग 4 अगस्त 2059

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 अगस्त 2059 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:13
सूर्यास्त19:08
चंद्रोदय03:19 (5 अग॰)
चंद्रास्त16:10
मास:
आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1981 · विक्रम (चैत्रादि) 2116
संवत्सर:
प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
वृषभ 10:10 तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 08:30 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 09:06 (5 अग॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 22:46 तक, फिर आर्द्रा 00:15 (6 अग॰) तक
योग
व्याघात 20:59 तक, फिर हर्षण 20:38 (5 अग॰) तक
करण
बालव 08:30 तक, फिर कौलव 20:45 तक, फिर तैतिल 09:06 (5 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:06
  • राहु काल07:50 – 09:26
  • यमगंड11:03 – 12:40
  • गुलिक काल14:17 – 15:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:13 – 07:50
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:50 – 09:26
  • शुभ(शुभ)09:26 – 11:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:40
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:17
  • चर(सामान्य)14:17 – 15:54
  • लाभ(शुभ)15:54 – 17:31
  • अमृत(शुभ)17:31 – 19:08

रात

  • चर(सामान्य)19:08 – 20:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:31 – 21:54
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:54 – 23:17
  • लाभ(शुभ)23:17 – 00:40 (5 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:40 (5 अग॰) – 02:03 (5 अग॰)
  • शुभ(शुभ)02:03 (5 अग॰) – 03:27 (5 अग॰)
  • अमृत(शुभ)03:27 (5 अग॰) – 04:50 (5 अग॰)
  • चर(सामान्य)04:50 (5 अग॰) – 06:13 (5 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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