पंचांग 6 दिसंबर 2059

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

6 दिसंबर 2059 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:53
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय07:57
चंद्रास्त19:03
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1981 · विक्रम (चैत्रादि) 2116
संवत्सर:
प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 07:16 तक, फिर शुक्ल द्वितीया 06:46 (7 दिस॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 05:50 (8 दिस॰) तक
नक्षत्र
मूल 05:09 (7 दिस॰) तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 04:53 (8 दिस॰) तक
योग
शूल 23:20 तक, फिर गण्ड 21:29 (7 दिस॰) तक
करण
बव 07:16 तक, फिर बालव 19:05 तक, फिर कौलव 06:46 (7 दिस॰) तक, फिर तैतिल 18:20 (7 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:47
  • राहु काल09:39 – 11:02
  • यमगंड13:48 – 15:11
  • गुलिक काल06:53 – 08:16

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:53 – 08:16
  • शुभ(शुभ)08:16 – 09:39
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:39 – 11:02
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:02 – 12:25
  • चर(सामान्य)12:25 – 13:48
  • लाभ(शुभ)13:48 – 15:11
  • अमृत(शुभ)15:11 – 16:34
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:34 – 17:57

रात

  • लाभ(शुभ)17:57 – 19:34
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:34 – 21:11
  • शुभ(शुभ)21:11 – 22:48
  • अमृत(शुभ)22:48 – 00:25 (7 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:25 (7 दिस॰) – 02:02 (7 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:02 (7 दिस॰) – 03:39 (7 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:39 (7 दिस॰) – 05:16 (7 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:16 (7 दिस॰) – 06:53 (7 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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