पंचांग 26 मई 2064
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
26 मई 2064 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदय15:01
चंद्रास्त02:58 (27 मई)
- मास:
- अधिक ज्येष्ठ (अमांत)
- संवत:
- शक 1986 · विक्रम (चैत्रादि) 2121
- संवत्सर:
- तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 06:01 तक, फिर शुक्ल एकादशी 03:15 (27 मई) तक, फिर शुक्ल द्वादशी 00:20 (28 मई) तक
- नक्षत्र
- हस्त 02:41 (27 मई) तक, फिर चित्रा 00:34 (28 मई) तक
- योग
- सिद्धि 00:07 (27 मई) तक, फिर व्यतीपात 20:41 (27 मई) तक
- करण
- गर 06:01 तक, फिर वणिज 16:39 तक, फिर विष्टि 03:15 (27 मई) तक, फिर बव 13:48 (27 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:58
- राहु काल07:36 – 09:14
- यमगंड10:53 – 12:31
- गुलिक काल14:10 – 15:48
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)05:58 – 07:36
- काल(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:14
- शुभ(शुभ)09:14 – 10:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:10
- चर(सामान्य)14:10 – 15:48
- लाभ(शुभ)15:48 – 17:27
- अमृत(शुभ)17:27 – 19:05
रात
- चर(सामान्य)19:05 – 20:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:27 – 21:48
- काल(वर्जित (परंपरा))21:48 – 23:10
- लाभ(शुभ)23:10 – 00:31 (27 मई)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (27 मई) – 01:53 (27 मई)
- शुभ(शुभ)01:53 (27 मई) – 03:14 (27 मई)
- अमृत(शुभ)03:14 (27 मई) – 04:36 (27 मई)
- चर(सामान्य)04:36 (27 मई) – 05:57 (27 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
अपनी कुंडली देखें