पंचांग 18 दिसंबर 2064
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
18 दिसंबर 2064 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय13:54
चंद्रास्त03:00 (19 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1986 · विक्रम (चैत्रादि) 2121
- संवत्सर:
- तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मीन 10:24 तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 15:28 तक, फिर शुक्ल एकादशी 17:54 (19 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 10:24 तक, फिर अश्विनी 13:17 (19 दिस॰) तक
- योग
- परिघ 06:55 (19 दिस॰) तक, फिर शिव 07:32 (20 दिस॰) तक
- करण
- गर 15:28 तक, फिर वणिज 04:43 (19 दिस॰) तक, फिर विष्टि 17:54 (19 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
- राहु काल13:54 – 15:16
- यमगंड07:00 – 08:23
- गुलिक काल09:46 – 11:08
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)07:00 – 08:23
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:23 – 09:46
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:08
- चर(सामान्य)11:08 – 12:31
- लाभ(शुभ)12:31 – 13:54
- अमृत(शुभ)13:54 – 15:16
- काल(वर्जित (परंपरा))15:16 – 16:39
- शुभ(शुभ)16:39 – 18:01
रात
- अमृत(शुभ)18:01 – 19:39
- चर(सामान्य)19:39 – 21:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:16 – 22:54
- काल(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:31 (19 दिस॰)
- लाभ(शुभ)00:31 (19 दिस॰) – 02:09 (19 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:09 (19 दिस॰) – 03:46 (19 दिस॰)
- शुभ(शुभ)03:46 (19 दिस॰) – 05:23 (19 दिस॰)
- अमृत(शुभ)05:23 (19 दिस॰) – 07:01 (19 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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