पंचांग 26 जून 2067
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
26 जून 2067 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:00
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय18:36
चंद्रास्त05:59 (27 जून)
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत)
- संवत:
- शक 1989 · विक्रम (चैत्रादि) 2124
- संवत्सर:
- सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 14:53 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 11:34 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 08:22 (27 जून) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 14:53 तक, फिर मूल 12:27 (27 जून) तक
- योग
- शुभ 09:37 तक, फिर शुक्ल 05:57 (27 जून) तक, फिर ब्रह्म 02:04 (28 जून) तक
- करण
- वणिज 11:34 तक, फिर विष्टि 22:00 तक, फिर बव 08:22 (27 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:04
- राहु काल17:35 – 19:14
- यमगंड12:37 – 14:16
- गुलिक काल15:56 – 17:35
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:00 – 07:39
- चर(सामान्य)07:39 – 09:18
- लाभ(शुभ)09:18 – 10:58
- अमृत(शुभ)10:58 – 12:37
- काल(वर्जित (परंपरा))12:37 – 14:16
- शुभ(शुभ)14:16 – 15:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:56 – 17:35
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:35 – 19:14
रात
- शुभ(शुभ)19:14 – 20:35
- अमृत(शुभ)20:35 – 21:56
- चर(सामान्य)21:56 – 23:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:16 – 00:37 (27 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:37 (27 जून) – 01:58 (27 जून)
- लाभ(शुभ)01:58 (27 जून) – 03:19 (27 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:19 (27 जून) – 04:39 (27 जून)
- शुभ(शुभ)04:39 (27 जून) – 06:00 (27 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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