पंचांग 10 सितंबर 2067

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 सितंबर 2067 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय07:26
चंद्रास्त19:28
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1989 · विक्रम (चैत्रादि) 2124
संवत्सर:
सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:58 (11 सित॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 04:07 (12 सित॰) तक
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 12:24 तक, फिर हस्त 14:21 (11 सित॰) तक
योग
शुभ 19:17 तक, फिर शुक्ल 19:16 (11 सित॰) तक
करण
बालव 14:15 तक, फिर कौलव 02:58 (11 सित॰) तक, फिर तैतिल 15:35 (11 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:56
  • राहु काल09:26 – 10:59
  • यमगंड14:03 – 15:36
  • गुलिक काल06:21 – 07:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:54
  • शुभ(शुभ)07:54 – 09:26
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:31
  • चर(सामान्य)12:31 – 14:03
  • लाभ(शुभ)14:03 – 15:36
  • अमृत(शुभ)15:36 – 17:08
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:08 – 18:41

रात

  • लाभ(शुभ)18:41 – 20:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:08 – 21:36
  • शुभ(शुभ)21:36 – 23:04
  • अमृत(शुभ)23:04 – 00:31 (11 सित॰)
  • चर(सामान्य)00:31 (11 सित॰) – 01:59 (11 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:59 (11 सित॰) – 03:26 (11 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:26 (11 सित॰) – 04:54 (11 सित॰)
  • लाभ(शुभ)04:54 (11 सित॰) – 06:21 (11 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें