पंचांग 10 जून 2069
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 जून 2069 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय23:23
चंद्रास्त10:34
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1991 · विक्रम (चैत्रादि) 2126
- संवत्सर:
- विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- मकर 15:51 तक, फिर कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 06:53 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 05:47 (11 जून) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 04:18 (12 जून) तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 03:39 (11 जून) तक, फिर शतभिषा 02:58 (12 जून) तक
- योग
- वैधृति 23:36 तक, फिर विष्कम्भ 21:27 (11 जून) तक
- करण
- तैतिल 06:53 तक, फिर गर 18:23 तक, फिर वणिज 05:47 (11 जून) तक, फिर विष्टि 17:06 (11 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
- राहु काल07:36 – 09:15
- यमगंड10:55 – 12:34
- गुलिक काल14:13 – 15:52
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)05:57 – 07:36
- काल(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:15
- शुभ(शुभ)09:15 – 10:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:34
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:34 – 14:13
- चर(सामान्य)14:13 – 15:52
- लाभ(शुभ)15:52 – 17:31
- अमृत(शुभ)17:31 – 19:10
रात
- चर(सामान्य)19:10 – 20:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:31 – 21:52
- काल(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:13
- लाभ(शुभ)23:13 – 00:34 (11 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:34 (11 जून) – 01:55 (11 जून)
- शुभ(शुभ)01:55 (11 जून) – 03:15 (11 जून)
- अमृत(शुभ)03:15 (11 जून) – 04:36 (11 जून)
- चर(सामान्य)04:36 (11 जून) – 05:57 (11 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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