पंचांग 12 अगस्त 2069
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 अगस्त 2069 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:03
चंद्रोदय02:42 (13 अग॰)
चंद्रास्त15:09
- मास:
- अधिक श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1991 · विक्रम (चैत्रादि) 2126
- संवत्सर:
- विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- वृषभ 16:46 तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 08:26 तक, फिर कृष्ण एकादशी 06:51 (13 अग॰) तक
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष 04:22 (13 अग॰) तक, फिर आर्द्रा 03:45 (14 अग॰) तक
- योग
- व्याघात 13:12 तक, फिर हर्षण 10:55 (13 अग॰) तक
- करण
- विष्टि 08:26 तक, फिर बव 19:37 तक, फिर बालव 06:51 (13 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:05
- राहु काल07:51 – 09:27
- यमगंड11:03 – 12:39
- गुलिक काल14:15 – 15:51
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:15 – 07:51
- काल(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
- शुभ(शुभ)09:27 – 11:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:39
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:15
- चर(सामान्य)14:15 – 15:51
- लाभ(शुभ)15:51 – 17:27
- अमृत(शुभ)17:27 – 19:03
रात
- चर(सामान्य)19:03 – 20:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:27 – 21:51
- काल(वर्जित (परंपरा))21:51 – 23:15
- लाभ(शुभ)23:15 – 00:39 (13 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:39 (13 अग॰) – 02:03 (13 अग॰)
- शुभ(शुभ)02:03 (13 अग॰) – 03:27 (13 अग॰)
- अमृत(शुभ)03:27 (13 अग॰) – 04:51 (13 अग॰)
- चर(सामान्य)04:51 (13 अग॰) – 06:15 (13 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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