पंचांग 8 अगस्त 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 अगस्त 2007 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:06
चंद्रोदय02:22 (9 अग॰)
चंद्रास्त15:17
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1929 · विक्रम (चैत्रादि) 2064
- संवत्सर:
- सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- वृषभ 00:37 (9 अग॰) तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 09:37 तक, फिर कृष्ण एकादशी 07:53 (9 अग॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 13:07 तक, फिर मृगशीर्ष 12:12 (9 अग॰) तक
- योग
- व्याघात 02:57 (9 अग॰) तक, फिर हर्षण 00:41 (10 अग॰) तक
- करण
- विष्टि 09:37 तक, फिर बव 20:43 तक, फिर बालव 07:53 (9 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:40 – 14:16
- यमगंड07:50 – 09:27
- गुलिक काल11:03 – 12:40
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:14 – 07:50
- अमृत(शुभ)07:50 – 09:27
- काल(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:03
- शुभ(शुभ)11:03 – 12:40
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:16
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:16 – 15:53
- चर(सामान्य)15:53 – 17:29
- लाभ(शुभ)17:29 – 19:06
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:06 – 20:29
- शुभ(शुभ)20:29 – 21:53
- अमृत(शुभ)21:53 – 23:16
- चर(सामान्य)23:16 – 00:40 (9 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:40 (9 अग॰) – 02:03 (9 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:03 (9 अग॰) – 03:27 (9 अग॰)
- लाभ(शुभ)03:27 (9 अग॰) – 04:50 (9 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:50 (9 अग॰) – 06:14 (9 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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