पंचांग 25 दिसंबर 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 दिसंबर 2007 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय19:32
चंद्रास्त08:15
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1929 · विक्रम (चैत्रादि) 2064
- संवत्सर:
- सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मिथुन 19:11 तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 01:21 (26 दिस॰) तक, फिर कृष्ण तृतीया 23:33 (26 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 00:48 (26 दिस॰) तक, फिर पुष्य 23:40 (26 दिस॰) तक
- योग
- ब्रह्म 09:43 तक, फिर इन्द्र 06:38 (26 दिस॰) तक, फिर वैधृति 04:05 (27 दिस॰) तक
- करण
- तैतिल 14:30 तक, फिर गर 01:21 (26 दिस॰) तक, फिर वणिज 12:22 (26 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- राहु काल15:19 – 16:42
- यमगंड09:49 – 11:11
- गुलिक काल12:34 – 13:57
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:03 – 08:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:26 – 09:49
- चर(सामान्य)09:49 – 11:11
- लाभ(शुभ)11:11 – 12:34
- अमृत(शुभ)12:34 – 13:57
- काल(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:19
- शुभ(शुभ)15:19 – 16:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:42 – 18:05
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:05 – 19:42
- लाभ(शुभ)19:42 – 21:19
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:19 – 22:57
- शुभ(शुभ)22:57 – 00:34 (26 दिस॰)
- अमृत(शुभ)00:34 (26 दिस॰) – 02:11 (26 दिस॰)
- चर(सामान्य)02:11 (26 दिस॰) – 03:49 (26 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:49 (26 दिस॰) – 05:26 (26 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:26 (26 दिस॰) – 07:04 (26 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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