पंचांग 25 दिसंबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 दिसंबर 2026 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय19:37
चंद्रास्त08:16
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मिथुन 17:33 तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 23:26 तक, फिर कृष्ण तृतीया 20:05 (26 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 22:50 तक, फिर पुष्य 20:12 (26 दिस॰) तक
- योग
- ब्रह्म 08:28 तक, फिर इन्द्र 04:16 (26 दिस॰) तक, फिर वैधृति 00:22 (27 दिस॰) तक
- करण
- तैतिल 13:15 तक, फिर गर 23:26 तक, फिर वणिज 09:42 (26 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- राहु काल11:11 – 12:34
- यमगंड15:19 – 16:42
- गुलिक काल08:26 – 09:49
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)07:03 – 08:26
- लाभ(शुभ)08:26 – 09:49
- अमृत(शुभ)09:49 – 11:11
- काल(वर्जित (परंपरा))11:11 – 12:34
- शुभ(शुभ)12:34 – 13:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:19
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:19 – 16:42
- चर(सामान्य)16:42 – 18:05
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:05 – 19:42
- काल(वर्जित (परंपरा))19:42 – 21:19
- लाभ(शुभ)21:19 – 22:57
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:34 (26 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:34 (26 दिस॰) – 02:12 (26 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:12 (26 दिस॰) – 03:49 (26 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:49 (26 दिस॰) – 05:26 (26 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:26 (26 दिस॰) – 07:04 (26 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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