पंचांग 20 दिसंबर 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 दिसंबर 2027 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय00:54 (21 दिस॰)
चंद्रास्त12:17
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- सिंह 07:49 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी 01:53 (21 दिस॰) तक, फिर कृष्ण नवमी 00:35 (22 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 01:05 (21 दिस॰) तक, फिर हस्त 00:25 (22 दिस॰) तक
- योग
- आयुष्मान 17:56 तक, फिर सौभाग्य 15:33 (21 दिस॰) तक
- करण
- बालव 14:40 तक, फिर कौलव 01:53 (21 दिस॰) तक, फिर तैतिल 13:11 (21 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
- राहु काल08:23 – 09:46
- यमगंड11:09 – 12:31
- गुलिक काल13:54 – 15:17
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)07:01 – 08:23
- काल(वर्जित (परंपरा))08:23 – 09:46
- शुभ(शुभ)09:46 – 11:09
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:09 – 12:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 13:54
- चर(सामान्य)13:54 – 15:17
- लाभ(शुभ)15:17 – 16:39
- अमृत(शुभ)16:39 – 18:02
रात
- चर(सामान्य)18:02 – 19:39
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:17
- काल(वर्जित (परंपरा))21:17 – 22:54
- लाभ(शुभ)22:54 – 00:32 (21 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:32 (21 दिस॰) – 02:09 (21 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:09 (21 दिस॰) – 03:46 (21 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:46 (21 दिस॰) – 05:24 (21 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:24 (21 दिस॰) – 07:01 (21 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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