पंचांग 14 अगस्त 2042

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

14 अगस्त 2042 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:16
सूर्यास्त19:02
चंद्रोदय05:41 (15 अग॰)
चंद्रास्त18:20
मास:
अधिक श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1964 · विक्रम (चैत्रादि) 2099
संवत्सर:
दुंदुभी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 22:48 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 23:31 (15 अग॰) तक
नक्षत्र
पुष्य 00:47 (15 अग॰) तक, फिर आश्लेषा 02:12 (16 अग॰) तक
योग
व्यतीपात 04:51 (15 अग॰) तक, फिर वरीयान 04:31 (16 अग॰) तक
करण
विष्टि 10:37 तक, फिर शकुनि 22:48 तक, फिर चतुष्पद 11:05 (15 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:04
  • राहु काल14:14 – 15:50
  • यमगंड06:16 – 07:51
  • गुलिक काल09:27 – 11:03

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:16 – 07:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:03
  • चर(सामान्य)11:03 – 12:39
  • लाभ(शुभ)12:39 – 14:14
  • अमृत(शुभ)14:14 – 15:50
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:50 – 17:26
  • शुभ(शुभ)17:26 – 19:02

रात

  • अमृत(शुभ)19:02 – 20:26
  • चर(सामान्य)20:26 – 21:50
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:50 – 23:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:39 (15 अग॰)
  • लाभ(शुभ)00:39 (15 अग॰) – 02:03 (15 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:03 (15 अग॰) – 03:27 (15 अग॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (15 अग॰) – 04:52 (15 अग॰)
  • अमृत(शुभ)04:52 (15 अग॰) – 06:16 (15 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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