पंचांग 9 अगस्त 2049
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 अगस्त 2049 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदय15:16
चंद्रास्त02:41 (10 अग॰)
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1971 · विक्रम (चैत्रादि) 2106
- संवत्सर:
- शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 20:25 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 07:43 तक, फिर शुक्ल एकादशी 05:07 (10 अग॰) तक, फिर शुक्ल द्वादशी 01:59 (11 अग॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 20:25 तक, फिर मूल 18:17 (10 अग॰) तक
- योग
- इन्द्र 10:37 तक, फिर वैधृति 07:23 (10 अग॰) तक
- करण
- गर 07:43 तक, फिर वणिज 18:30 तक, फिर विष्टि 05:07 (10 अग॰) तक, फिर बव 15:37 (10 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
- राहु काल07:51 – 09:27
- यमगंड11:03 – 12:39
- गुलिक काल14:16 – 15:52
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:14 – 07:51
- काल(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
- शुभ(शुभ)09:27 – 11:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:39
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:16
- चर(सामान्य)14:16 – 15:52
- लाभ(शुभ)15:52 – 17:28
- अमृत(शुभ)17:28 – 19:05
रात
- चर(सामान्य)19:05 – 20:28
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:28 – 21:52
- काल(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:16
- लाभ(शुभ)23:16 – 00:40 (10 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:40 (10 अग॰) – 02:03 (10 अग॰)
- शुभ(शुभ)02:03 (10 अग॰) – 03:27 (10 अग॰)
- अमृत(शुभ)03:27 (10 अग॰) – 04:51 (10 अग॰)
- चर(सामान्य)04:51 (10 अग॰) – 06:15 (10 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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