पंचांग 4 दिसंबर 2063

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 दिसंबर 2063 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:52
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय16:34
चंद्रास्त06:14 (5 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1985 · विक्रम (चैत्रादि) 2120
संवत्सर:
सुभानु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
मेष 15:22 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:17 (5 दिस॰) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 01:35 (6 दिस॰) तक
नक्षत्र
भरणी 09:14 तक, फिर कृत्तिका 09:33 (5 दिस॰) तक
योग
परिघ 08:13 तक, फिर शिव 06:49 (5 दिस॰) तक, फिर सिद्ध 05:00 (6 दिस॰) तक
करण
गर 14:25 तक, फिर वणिज 02:17 (5 दिस॰) तक, फिर विष्टि 14:00 (5 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:46
  • राहु काल15:10 – 16:33
  • यमगंड09:38 – 11:01
  • गुलिक काल12:24 – 13:47

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:52 – 08:15
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:15 – 09:38
  • चर(सामान्य)09:38 – 11:01
  • लाभ(शुभ)11:01 – 12:24
  • अमृत(शुभ)12:24 – 13:47
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:47 – 15:10
  • शुभ(शुभ)15:10 – 16:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:33 – 17:56

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:33
  • लाभ(शुभ)19:33 – 21:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:10 – 22:47
  • शुभ(शुभ)22:47 – 00:24 (5 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)00:24 (5 दिस॰) – 02:01 (5 दिस॰)
  • चर(सामान्य)02:01 (5 दिस॰) – 03:38 (5 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:38 (5 दिस॰) – 05:15 (5 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:15 (5 दिस॰) – 06:52 (5 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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