कन्या राशि (Virgo)

राशि-चक्र की 6वीं राशि · निरयन 150°–180°

स्वामी ग्रह
बुध
तत्व
पृथ्वी
स्वभाव (गति)
द्विस्वभाव
अध्ययन-संकेत
विश्लेषण, सुधार
राशि-चक्र में स्थान
150° से 180° (मेष 0° से गिनकर)

प्रतीकात्मक दिशा और पठन-प्रश्न

प्रमुख प्रतीकात्मक दिशा: विश्लेषण, सुधार, कौशल

पठन का उपयोगी प्रश्न: सुधार कब आत्म-आलोचना बनता है?

राशि ग्रह की अभिव्यक्ति-शैली बताती है; अकेली राशि से व्यक्तित्व या घटना तय नहीं होती। ग्रह, भाव, राशि-स्वामी, दृष्टि और दशा साथ देखें।

कन्या राशि में नक्षत्र और पद

नक्षत्रपदकन्या में अंश
उत्तराफाल्गुनी2, 3, 40°00′ – 10°00′
हस्त1, 2, 3, 410°00′ – 23°20′
चित्रा1, 223°20′ – 30°00′

हर राशि 30° = सवा दो नक्षत्र = 9 पद (हर पद 3°20′)।

पुस्तक में कहाँ पढ़ें

पृष्ठ-संख्या ‘व्यावहारिक कुंडली विज्ञान’ (अष्टम संस्करण, 166 पृष्ठ) की है।

यह पुस्तक शैक्षिक अध्ययन-सामग्री है। इसमें दी गई ज्योतिषीय व्याख्याएँ पारंपरिक और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए हैं; वे निश्चित भविष्यवाणी, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।