सिंह राशि (Leo)
राशि-चक्र की 5वीं राशि · निरयन 120°–150°
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव (गति)
- स्थिर
- अध्ययन-संकेत
- अभिव्यक्ति, केंद्र
- राशि-चक्र में स्थान
- 120° से 150° (मेष 0° से गिनकर)
प्रतीकात्मक दिशा और पठन-प्रश्न
प्रमुख प्रतीकात्मक दिशा: सृजन, दृश्यता, आत्म-अभिव्यक्ति
पठन का उपयोगी प्रश्न: मान्यता के बिना भी रचना जारी रहती है?
राशि ग्रह की अभिव्यक्ति-शैली बताती है; अकेली राशि से व्यक्तित्व या घटना तय नहीं होती। ग्रह, भाव, राशि-स्वामी, दृष्टि और दशा साथ देखें।
सिंह राशि में नक्षत्र और पद
| नक्षत्र | पद | सिंह में अंश |
|---|---|---|
| मघा | 1, 2, 3, 4 | 0°00′ – 13°20′ |
| पूर्वाफाल्गुनी | 1, 2, 3, 4 | 13°20′ – 26°40′ |
| उत्तराफाल्गुनी | 1 | 26°40′ – 30°00′ |
हर राशि 30° = सवा दो नक्षत्र = 9 पद (हर पद 3°20′)।
पुस्तक में कहाँ पढ़ें
- बारह राशियों की अध्ययन-प्रोफाइलपृष्ठ 49
- अध्याय 2 · बारह राशियाँ: तत्व, स्वभाव और स्वामीपृष्ठ 10
- अध्याय 5 · लग्न और उत्तर भारतीय कुंडली की रचनापृष्ठ 19
पृष्ठ-संख्या ‘व्यावहारिक कुंडली विज्ञान’ (अष्टम संस्करण, 166 पृष्ठ) की है।
अपनी कुंडली देखें (मुफ़्त)लग्न, राशि, नक्षत्र-पद और दशा — आपके फ़ोन परव्यावहारिक कुंडली विज्ञानकुंडली पढ़ने की चरणबद्ध हिंदी अध्ययन-पुस्तक
यह पुस्तक शैक्षिक अध्ययन-सामग्री है। इसमें दी गई ज्योतिषीय व्याख्याएँ पारंपरिक और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए हैं; वे निश्चित भविष्यवाणी, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।