कर्क राशि (Cancer)
राशि-चक्र की 4वीं राशि · निरयन 90°–120°
- स्वामी ग्रह
- चंद्र
- तत्व
- जल
- स्वभाव (गति)
- चर
- अध्ययन-संकेत
- पोषण, सुरक्षा
- राशि-चक्र में स्थान
- 90° से 120° (मेष 0° से गिनकर)
प्रतीकात्मक दिशा और पठन-प्रश्न
प्रमुख प्रतीकात्मक दिशा: पोषण, स्मृति, भाव-सुरक्षा
पठन का उपयोगी प्रश्न: देखभाल में स्वस्थ सीमा कहां है?
राशि ग्रह की अभिव्यक्ति-शैली बताती है; अकेली राशि से व्यक्तित्व या घटना तय नहीं होती। ग्रह, भाव, राशि-स्वामी, दृष्टि और दशा साथ देखें।
कर्क राशि में नक्षत्र और पद
| नक्षत्र | पद | कर्क में अंश |
|---|---|---|
| पुनर्वसु | 4 | 0°00′ – 3°20′ |
| पुष्य | 1, 2, 3, 4 | 3°20′ – 16°40′ |
| आश्लेषा | 1, 2, 3, 4 | 16°40′ – 30°00′ |
हर राशि 30° = सवा दो नक्षत्र = 9 पद (हर पद 3°20′)।
पुस्तक में कहाँ पढ़ें
- बारह राशियों की अध्ययन-प्रोफाइलपृष्ठ 49
- अध्याय 2 · बारह राशियाँ: तत्व, स्वभाव और स्वामीपृष्ठ 10
- अध्याय 5 · लग्न और उत्तर भारतीय कुंडली की रचनापृष्ठ 19
पृष्ठ-संख्या ‘व्यावहारिक कुंडली विज्ञान’ (अष्टम संस्करण, 166 पृष्ठ) की है।
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यह पुस्तक शैक्षिक अध्ययन-सामग्री है। इसमें दी गई ज्योतिषीय व्याख्याएँ पारंपरिक और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए हैं; वे निश्चित भविष्यवाणी, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।